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Saturday, December 31, 2011
कीटनाशक रहित खेती-
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Saturday, April 02, 2011
पीपल तलै तै पाती: हरियाणा किसान आयोग को!
प्रेषक: मनबीर रेढू (9991063510)
गांव-ईगराह
जिला-जींद
प्रेषित: हरियाणा किसान आयोग, हिसार.
समस्याः
1. कृषि विश्वविद्यालय, कृषि विभाग व कृषि बाजार कृषि ज्ञान-विज्ञान की सीढी के अलग-अलग पायदान परः किसान किसकी माने....
कृषि विश्वविद्यालय द्वारा रचित खरीफ फसलों की समग्र सिफारिशें जिसे हम कृषि की गीता कहते एवं मानते हैं, आज कृषि बाजार से अलग खड़ी है। इसमें सिफारिश की गई कपास की किस्मों का बीज बाजार में उपलब्ध नही है। बाजार में उपलब्ध बी.टी. कपास की सैकड़ों किस्मों की सिफारिश इस गीता में नहीं है। खरीफ प्रोडक्सन प्रोग्राम के अन्तर्गत हर साल कृषि विभाग व कृषि विश्वविद्यालय मिलकर किसानों के लिये सिफारिशें तय करते हैं। फिर भी बी.टी. बीजों के मामले में कृषि विभाग व कृषि विश्वविद्यालय विपरित किनारों पर खड़े हैं। कृषि विभाग ने इन बी.टी. बीजों को अपने यहाँ बेचने की अनुमति दे रखी है जबकि कृषि विश्वविद्यालय इनकी सिफारिश नहीं करता। ऐसा ही मन-मुटाव का मामला बी.टी. पाऊडर व बेवरिया बेसियाना नामक बायोपेस्टीसाइडस् को लेकर कृषि विभाग व कृषि विश्वविद्यालय के मध्य दशकों से जारी है। धान व बाजरा की किस्मों के मामले में भी स्थिति भिन्न नहीं है। यूरिया, डी.ए.पी., पोटाश व जिंक-सल्फेट जैसे रासायनिक उर्वरकों को छोड़कर शेष कृषि आदानों को लेकर भी बाजार और कृषि विभाग व कृषि विश्वविद्यालय की साझा सिफारीशों में अन्तर्विरोध खड़ा है।
2. कृषि बाजार में व्यापक पैमाने पर थौपाई, नकलीपन, मिलावट, घटतौली, कालाबाजारी जैसी धोखाधड़ी की समस्याएँ हैं जिनके साथ हर किसान को दो-चार होना पड़ता है।
सुझावः
1. खाद, बीज या पेस्टीसाइडस् की डीलरशिप का लाईसैंस लेने के लिये कोई न कोई न्यूनतम कृषि-शिक्षा की शर्त अनिवार्य हो।
2. खाद, बीज या पेस्टीसाइडस् की डीलरशिप का लाईसैंस लेने के लिये इन्टर-नैट से जुड़ने की शर्त अनिवार्य हो तथा प्रत्येक डीलर अपने स्टाक का ब्यौरा आन-लाईन रखे।
3. खाद, बीज या पेस्टीसाइडस् की जांच के लिये सैम्पलिंग के अधिकार सभी कृषि अधिकारियों के साथ-साथ कृषि वैज्ञानिकों को भी हो। सैम्पलिंग के समय स्टाक वैरिफिकेशन अनिवार्य हो।
4. किसान की शिकायत पर सम्बंधित डीलर की जांच एवं सैम्पल शिकायत प्राप्त अधिकारी द्वारा अनिवार्य हो तथा सैम्पल पर शिकायती किसान की सील भी हो ताकि बाद में सैम्पल बदला ना जा सके।
5. असामान्य परिस्थितियों किसानों द्वारा संपर्क साधने के लिये हर डीलर के यहाँ डिस्पले बोर्ड पर कृषि अधिकारियों के फोन न. अनिवार्य हों।
6. किसानों के क्रेता अधिकारों की जानकारी के लिये हर डीलर के यहाँ अलग से डिस्पले बोर्ड लगाना अनिवार्य हो।
7. कृषि विभाग के लिये भी सैम्पलों की जांच का ब्यौरा आन-लाईन किया जाए।
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Tuesday, July 28, 2009
पीपल तलै की
साधू का पप्पू खेती तो घणी कर ही रहा है पर अपने आप नै गाम तै घणा ऐ सयाना भी मानै सै। बादलां कानी देख कै रोना सा मुहं कर लिया अर् न्यूँ कहन लग्गा भाई काल पड़ग्या अर इबके मरगे। मनै तो कपास में तीसरे साल की तरह स्प्रे भी चार मार लिए। मारलिए तो के होग्या कपास तेरी सब से टॉप में सै तेरे काल के मांगै - नफे का कृष्ण हँसकै बोल्या। मनै मनबीर की कपास देखते देखते तीन महीने हो लिए। उस नै इब तक एक भी स्प्रे कोनी मारा सै। उस की कपास में हरा तेला, सफेद मक्खी , मिलीबग अर चुरडा खूब हो रहा सै। "खूब कितना?" -नरेंद्र नै डाक्टरी अंदाज में पूछा। कृष्ण बोला, "ब्होत घना।" घन्ना कितना यह तो बात नही बनी। जब तक हम गिनती नही कर लेते हमे पता नही लगेगा कि कितने रस चोसक कीट व् कितने मांसाहारी कीट तथा कितने परजीव्याभ मनबीर कि कपास में मौजूद हैं। डाक्टर सुरेन्द्र दलाल ने हमें बताया था कि यदि कपास में प्रति पत्ता दो हरे तेले , छ सफ़ेद मक्खी, व् दस चुरडे प्रति पत्ता नही मिलते तब तक किसी भी कीटनाशक का स्प्रे करने से हमें नुक्सान ही होगा नकि लाभ। दूसरा हमें अपने खेत में पौधों की संख्या का पता हो जैसे मनबीर के खेत में 2950 पौधे हैं, उनसे प्रति पौधे पर रस चोसक कीटों की औसत संख्या तथा औसत मांसाहारी कीटों की संख्या से गुना करने से कुल रस चोसक कीटों तथा कुल मांसाहारी कीटों की संख्या का पता चल जाता है। मांसाहारी कीटों की प्रति दिन रस चोसक कीटों को खाने की क्षमता का पत्ता होने पर हम जान सकते हैं कि कितने दिन में मांसाहारी कीट रस चोसक कीटों को खा सकते हैं । हमें यह भी देखना चाहिए कितने मिलीबग राजी-बाजी हैं और कितने मिलीबग में अंगीरा के बच्चे पल रहे हैं पप्पू से रहा नही गया, बोला हम के दाई सा जो हमने ये पता चल जाएगा कि कोसा मिलीबग कद किस के बच्चे देगा। नरेंद्र फ़िर उछला युतो जमा ही आसान काम है जिस मिलीबग की कड़ नरसिम्हा राव के सिर जैसी दीखै ओ मिलीबग तो समझो अंगीरा के बच्चो का घर है। पप्पू बोला- आज तो होगी वार। तड़कै जरुर कापी पेन लाऊंगा। मैने भी यु निरिक्षण सिखा दो । इब समझ आई यु मनबीर मेरे तै बचत ज्यादा क्यूकर काढै सै। तड़कै जरुर अइयो -भाइयो मेरा भी भला होज्यागा।
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